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दादा जी!
आप इतने ठंडे मौसम में भी पँखा चला कर बैठे हैं। 

बेटा ये खटर खटर करता हुआ पँखा मुझे गर्मियों में हवा देता है। 

और बाकी मौसमों में बेकार की आवाजों से बचाता है।

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आलेख

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