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गजल

शरीर की उम्र बरसो में मापते है पर मन का भी क्या कोई पैमाना होता है। ये जिस तजुर्बे की बात करते है लोग वो दिमाग है जो काफ़ी सयाना होता है।  शरीर पर जख्म लगते हैं भर जाते है बहुत मुश्किल मन को बचाना होता है।  कभी यहाँ कभी वहाँ यायावर है ये मन का कहा एक ठिकाना होता है।  बिरले लोग ही वश में कर पाते है इसे उनके कदमों में सारा जमाना होता है।  मन ही राधा और कान्हा भी मन ही मन ही कबीर जैसा दीवाना होता है। 

कर्फ़्यू ?

डायनिग हॉल में बैठा शर्मा परिवार सुबह के नाश्ते के साथ टीवी पर समाचार देख रहा था।  चैनल पर फटाफट समाचार दिखाने का समाचार शतक कार्यक्रम चल रहा था।  पूरे देश मे लॉक डाउन और कर्फ्यू के बावजूद नही थम रहा कोरोना का कहर।  लगातार बढ़ रहा है कोरोना मरीजो का आंकड़ा।  कोरोना संकट के बीच नजर आया पुलिस का अलग ही रूप।  सूरत में सड़कों पर उतरे मजदूरों को मान मनव्वल कर समझाती दिखी पुलिस।  काफी समझाइश के बाद मजदूरों को वापस भेजा अपने घर।  बुलन्दशहर में महिला एस पी ने हाथ जोड़कर नमाजियों को समझाया,मस्जिद में नमाज पढ़ने की कर रहे थे जिद।  हाइवे पर पैदल जा रहे मजदूरों को पुलिस ने बाटे खाने के पैकेट,वही पर की उनके ठहरने की व्यवस्था। अमुमन चौराहों पर चालान काटने वाली पुलिस लोगो को समझा रही है सोशल डिस्टेंसिंग,सेनेटाइजर से धुलवाए हाथ।  औरंगाबाद की महिला पुलिस कर्मियों ने ड्यूटी के बाद बनाये मास्क,सफाईकर्मियों को मुफ्त में किये वितरण।  दिल्ली पुलिस की अनूठी पहल महिला डॉक्टर के घर सायरन बजाती हुई पहुची पुलिस की गाड़ियां बर्थडे केक और गुलदस्ता देकर जन्मदिन की दी शुभका...

गजल

न सदा दिन रहा है,न सदा रात रहेगी मेघो को बरसने दो ये नदी फिर बहेगी।  गिर जाते वट वृक्ष समय विपरीत हो तो हरी रहेगी वो डाली जो तूफान सहेगी। मिटेगी कालिमा धवल आकाश होगा निशानी स्मृति पटल पर फिर भी रहेगी।  सहअस्तित्व,समन्वय और सजगता इस मूल मंत्र की कहानी पीढ़ियाँ कहेगी।  कई प्रलय काल भी देखे है इस धरा ने उस परम् की सत्ता न ढही है न ढहेगी।  मुश्किले आती रही है आती जाती रहेगी जिंदगी रुकती नही है न अब रुकेगी। 

लघुकथा

मोबाईल पर मेसेंजर का नोटिफिकेशन आया।  विनीत का मैसेज था  हाय ! क्या कर रही हो।  बस सेशनल एग्जाम की तैयारी।  आप सोये नही अभी तक, रक्षिता ने लिखा।  नही ! नींद ही नही आ रही।   ओके। गुड़ नाइट।  बाय। मै तो चली सोने।  रक्षिता और विनीत के बीच मेसेंजर पर ऐसी चैटिंग अमुमन होती ही रहती।  रक्षिता मॉर्डन जमाने की खुले विचारों वाली लड़की थी,विनीत उसकी सहेली का पति था जो कुछ ही दिन पहले फेसबुक मित्र बना था।  छोटी मोटी हँसी मजाक चुहलबाजी का रक्षिता ने कभी बुरा नही माना।  पर आज तो विनीत ने मेसेंजर पर जो वीडियो सेंड किया उसने रक्षिता को रात भर सोने नही दिया।  क्या थोड़ी सी हँसी मजाक और सोशल मीडिया पर दोस्ती का लोग इतना गलत मतलब निकाल लेते है।  आज तक हुई पूरी चैटिंग का पूरा रिकॉर्ड अपने पेन ड्राइव में सेव करके सुबह सवेरे ही रक्षिता  लोकल महिला पुलिस स्टेशन पहुच चुकी थी। 

भीड़ का मनोविज्ञान

भीड़ का मनोविज्ञान।  हमारे यहाँ धार्मिक, सामाजिक,राजनैतिक आयोजनों में एकत्रित भीड़ की संख्या को देखकर उसकी सफलता या असफलता का अनुमान लगाया जाता है।  फलां तिथि को इस मंदिर में लख्खी मेला भरता है पैर रखने तक कि जगह नही होती,दर्शनों के लिये कई कई घण्टो की कतारें लगती है।  जुम्मे की नमाज के दिन इस मस्जिद के सामने की सारी सड़क नमाजियों से भरी रहती है।  ट्रैफिक तक रोकना पड़ता है।  इस दरगाह पर मनाये जाने वाले उर्स की तो शान ही निराली है दूर दूर से लोग जियारत करने आते है।  अभी तो गुरु पर्व का सीजन चल रहा है हर कोई गुरु के दर पर मत्था टेकना चाहता है इसलिए सभी ट्रेन बुक चल रही है।  क्रिसमस के टाइम में कार्निवाल का आयोजन होता है बड़ी तो क्या किसी छोटी सी लॉज में भी कमरा नही मिलेगा।  न्यू ईयर पर सड़को पर निकलने वाली भीड़ हो या क्रिकेट के दीवानों का हुजूम।  क्या सभी त्यौहार, उत्सव,उल्लास के पल केवल भीड़ में ही मनाये जा सकते है।  क्या किसी विशेष तिथि को ही भगवान के दर्शन करना आवश्यक है या सिर्फ जुम्मे को ही नमाज कुबूल होती है अन्य दिन नही।  चर्च तो रोज ख...

गजल

इंसान इंसान से डर रहा है चहुओर सन्नाटा पसर रहा है।  मौत तो जाने कब आएगी हर पल डर डर के मर रहा है।  अंजान साये ने घेर लिया है उजाला अंधकार से डर रहा है।  विश्व शक्तियां परास्त हो चुकी भारतवर्ष भी समर कर रहा है।  हे जगतजननी तू ही रक्षा कर तेरा दास ये  अरज कर रहा है। 

श्री राम मंदिर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यारा होगा, सकल विश्व में सबसे सुंदर प्यारा होगा।  श्री राम लला अब तम्बू से बाहर आएंगे प्यासे नैना अब श्री राम के दर्शन पाएंगे।  श्री राम कृपा से जगत धन्य हो जाएगा, हर जन जन अब राम राम धुन गायेगा।  श्री राम कृपा से अवधपुरी सज जाएगी श्री राम छवि अब हर मन मे बस जाएगी।  श्री भगवा धर्म ध्वजा मंदिर पर लहरायेगी स्तय सनातन का संदेश जगत में गायेगी।  जय सियाराम।                        डॉ दिलीप बच्चानी                     पाली राजस्थान।