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लघुकथा

मोबाईल पर मेसेंजर का नोटिफिकेशन आया। 
विनीत का मैसेज था 
हाय ! क्या कर रही हो। 
बस सेशनल एग्जाम की तैयारी। 
आप सोये नही अभी तक, रक्षिता ने लिखा। 
नही ! नींद ही नही आ रही।  
ओके। गुड़ नाइट। 
बाय। मै तो चली सोने। 
रक्षिता और विनीत के बीच मेसेंजर पर ऐसी चैटिंग अमुमन होती ही रहती। 
रक्षिता मॉर्डन जमाने की खुले विचारों वाली लड़की थी,विनीत उसकी सहेली का पति था जो कुछ ही दिन पहले फेसबुक मित्र बना था। 
छोटी मोटी हँसी मजाक चुहलबाजी का रक्षिता ने कभी बुरा नही माना। 
पर आज तो विनीत ने मेसेंजर पर जो वीडियो सेंड किया उसने रक्षिता को रात भर सोने नही दिया। 
क्या थोड़ी सी हँसी मजाक और सोशल मीडिया पर दोस्ती का लोग इतना गलत मतलब निकाल लेते है। 
आज तक हुई पूरी चैटिंग का पूरा रिकॉर्ड अपने पेन ड्राइव में सेव करके सुबह सवेरे ही रक्षिता 
लोकल महिला पुलिस स्टेशन पहुच चुकी थी। 

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