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घर मे जगह (लघुकथा )

मैं तो कितनी बार आपसे कह कह के तक गई की कोने वाले स्टोर रूम में एक पलंग और पँखा लगवा दीजिये। अलका पलँग की चद्दर ठीक करते हुए बोली।
माँजी को वहाँ शिफ्ट कर देते है कितनी दिक्कत होती है जब कोई मेहमान घर आ जाये तो।
और फिर गुड्डू भी तो बड़ा हो रहा उसके लिए भी जगह चाहिए।
अखिलेश ने मोबाइल से फोन लगाया,
हल्लो शिवम इलेक्ट्रॉनिक्स 8×8 के कमरे में ए सी लगवाना है कितने का होगा ,
अच्छा ठीक है मैं दुकान पर आकर मिलता हूँ।
अलका एकदम बोल पड़ी ए सी की क्या जरूरत है और वैसे भी माँजी तो ए सी चलती ही नही है।
ये ए सी माँ के लिए नही तुम्हारे लिए लगवा रहा हूँ।
गुड्डू की शादी के बाद अगर तुम्हें स्टोर रूम में शिफ्ट होना पड़ा तो तुम बिना ए सी के कैसे रहोगी।
अलका की नजरें झुक चुकी थी।

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