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गजल

मालिक नही हो किराएदार हो प्यारे
पर समझने को कहा तैयार हो प्यारे। 

बेवजह बेसबब भटकते फिरते क्यो हो
किस अजब धुन पर सवार हो प्यारे। 

तारीफ करना सवाल मत करना यहाँ
वरना तुम्हे कह देंगे गद्दार हो प्यारे। 

वोट देने के लिए तुम धरती पर आये
फिर पांच साल के लिए बेकार हो प्यारे। 

तुम अदना से पुर्जे भर हो इस सिस्टम के
समझते हो जैसे तुम सरकार हो प्यारे। 






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