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सरदार

खंड खंड में बटा होता भारत
बिखरा बिखरा सा होता भारत। 
              अगर सरदार न होते। 

हैदराबाद, जूनागढ अलग होते
पासपोर्ट लेकर जाना पड़ता। 
              अगर सरदार न होते। 

एक देश,एक विधान,सँविधान
कभी न देश को मिल सकते थे। 
              अगर सरदार न होते। 

आपस मे सब प्रांत लड़ रहे होते
अविकसित से हम पिछड़ रहे होते। 
                  अगर सरदार न होते। 

कश्मीर भी पूरा पड़ोसी के पास होता
पूर्वोत्तर भी चीन में मिल गया होता। 
                   अगर सरदार न होते। 

नक्शा भारत का बदला बदला होता
भारत मां का आँचल बिखरा हुआ होता। 
                        अगर सरदार न होते।    

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