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शिव स्तुति

शिव ही आदी अंत है
शिव है जीवन सार,
शिव ही जीवन मूल है
शिव जीवन आधार। 

जपले शिवा शिवा। 

शिव से ही संगीत है
शिव से ही विज्ञान,
शिव में है सब योग
शिव में ही है ध्यान। 

भजले शिवा शिवा। 

शिव में सब प्रकाश है
हरता जो अंधकार,
शिव ही हर आकार है
शिव ही है निराकार। 

रटले  शिवा शिवा। 

शिव ही देवो के देव है
शिव ही है विश्वास,
दुनिया से क्या चाहता
शिव से कर ले आस। 

जपले शिवा शिवा। 

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