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डायरी

जब कभी बंद हो जाए मेरी आँखें
तुम जरूर खोलना मेरी डायरी,
डायरी जिसे तुम्हारी माँ अपनी सौतन बुलाती थी। और तुम लोगो ने भी कभी खास पसंद नहीं किया। 
पर जब तुम खोलोगे उसे तो तुम्हे मिलेगा
मेरी जिंदगी का हर हिसाब किताब। 

में दावें से कह सकता हूँ
तुम जान जाओगे की जिंदगी मैने घाटे में नहीं जी है।  

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