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लघुकथा

सविता,विभा और विवेक एक कैफे की टेबल पर एक साथ बैठे कॉफी का लुत्फ ले रहे थे। 
सविता विभा की ओर देखते हुए बोली तुम और विवेक इतने सालों से साथ काम कर रहे हो, साथ ही उठते बैठते,घूमते फिरते हो!
तुम दोनों शादी क्यो नही कर लेते?
मैं तो कब से कह रहा हूँ शादी के लिए पर विभा मानने को तैयार ही नही है। 
नही विवेक मै शादी नही कर सकती।
सविता बोली, क्यो?
विभा चुपचाप कॉफी का मग लेकर सिप लेने लगी। 
अरे!यार आखिर प्रॉब्लम क्या बताओगी तो पता चलेगा। 
विभा ने गंभीर मुद्रा में कहा। 
हार्मोनल डिस्टर्बेंस के कारण मै माँ नही बन सकती।
विवेक ने विभा के हाथ पर हाथ रखते हुए कहा,
शादी सिर्फ बच्चे पैदा करने के लिए नही की जाती। 
शादी का मतलब है दो लोग अपनी सहमति से सामंजस्य के साथ एक साथ जीवन बिताना चाहते हैं। 
औऱ ये किस बेवकूफ ने तुम्हे कह दिया कि। 
"औरत सिर्फ एक बच्चा पैदा करने वाली मशीन है"
विभा ने संजीदगी से अपना दूसरा हाथ विवेक के हाथ पर रख दिया। 

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