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भारत बंद लघुकथा

भारत बंद (लघुकथा )

कालू,पप्पू,टोनी,टिल्लू सब बब्बन के अड्डे पर जमा थे।
सलाम बब्बन भाई बब्बन के आते ही सब एक स्वर में बोले।
बैठो सब लोग ,देखो पिछला वाला बंद बहुत बढ़िया हुआ अभी तक टीवी वाला दिखा रहा है।
चार दिन बाद फिर बंद कराने का है।
सब छोकरा लोग को इकठ्ठा कर लो और सब जरूरी सामान जैसे पेट्रोल बम ,टायर ,लाठी,तलवार वगैरहा समझे
समझ गए भाई।

एक बात ध्यान रखना पिछली बार सवर्णों की दुकानें लजायी थी इस बार दलितों की जलानी है।

औऱ झंडे नीले नही केसरिया लेके जाना बे।
समझ गए भाई।
    
                     ©डॉ दिलीप बच्चानी
                     पाली मारवाड़ राजस्थान
                     9829187615

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