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सीसीटीवी कैमरा(राजस्थानी लघुकथा)

ग्राम सभा भवन रै मांयने ग्राम सभा री मीटिंग चाल रयी थी। सरपंच साहब आपरो साफों ठीक करता व्हिया ऊभा होय'र बोल्या। 
आज अपारै बीचै एक इंजीनियर साहब आवयौड़ा है, इणां री कम्पनी घरा रे मांयने सीसीटीवी कैमरा लगाया करै, तो आप मिनखां मांय जिणनै ई खुद रै घर मांय कैमरों लगवाणौ हुवै वे इंजीनियर साहब सूं सम्पर्क कर सकै। 
गाँव रो होनहार मोटियार गोविंद ऊभौ व्हियो नै हाथ जोड़'र बोल्यो। सरपंच साहब सी सी टीवी कैमरा रो महत्व और उपयोग आज रै टैम री घणीं जरूरत है। पंचायत अगर च्हावै तो गाँव रै अमुक अमुक चौरायां माथै, सरकारी भवनां माथै, पंचायत भवन माथै कैमरा लगवा सकै है पर अपारै घरा रै माइने तो इणांरी कोई जरुरत कोयनीं। 
इंजीनियर साहब बोल्या क्यूं भाई आप लोगां नै चोरी आद रौ भै कोनी लागै?
ना इंजीनियर साहब आप गलत ना समझौ पण म्हारै घरां मांय तो चलता फिरता कैमरा लागौड़ा है। 
चलता फिरता कैमरा?
वै कैमरा है म्हारी पौल रै मांयने बैठयौढ़ा म्हारा वडैरा, म्हांरा माइत,म्हारा बुजुर्ग। 
जदै तक ऐ बैठा है म्हांरे घरां में सीसीटीवी कैमरा री जरूरत कोयनीं।

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उतारन ऐ चड़ावन जी कहानी आहे सीदी सादी जिंदगी बेस्वाद, बेमानी आहे।  कहिंखे घट कहिंखे वधिक मालिक़ डिनो आ मा शुकर भी करा हिय त बेईमानी आहे।