हे! मोबाईल
तुम वाकई एक क्रांति हो।
पलक झपकते ही,
पहुंचा देते हो
सूचनाएं
सात समंदर पार।
कहा क्या
अच्छा-बुरा हुआ
सभी तो पता है तुम्हे।
हजारो संदेशो का
आदान-प्रदान,वाकई बड़ा
करामाती काम है।
पर हे! मोबाईल
बुरा न मानो तो एक बात
कहु।
तुम अखबार हो,
तुममे वो चिठ्ठियों वाली
मिठास नही है।
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